ऋषि कटियार कल शाम को ही मोबाइल पर मेसेज आया था। फिर मेल आया, फिर नोटिस लगा ऑफिस में और फिर उसकी प्रिंटेड कॉपीज सभी डिपार्टमेंट हेड्स को भी पहुंचाई गई थीं कि अगले सोमवार 'स्वच्छता ही सेवा' कार्यक्रम के तहत 7 से 10 बजे 'बीच क्लीनिंग' का आयोजन किया गया है जिसमें सभी कर्मचारियों को बढ़-चढ़ के भाग लेना है। जोश-जोश में वे 7 बजे 'बीच' पहुंच गया, नया-नया रंगरूट था। जोश से भरा हुआ, सरकारी तौर तरीकों से मरहूम। आज कई दिनों बाद उसने सुबह का सूरज देखा, दूर समंदर के पानी से नहा धो के निकलता हुआ। मछुआरे मछली पकड़ रहे थे। खोमचे वाले भी चाट पकौड़ी-मुरमुरे के लिए प्याज़ काटने में लगे थे। बूढ़े टहल रहे थे, बच्चे खेल रहे थे, औरतें सूर्य को अर्घ्य दे रही थीं, लड़कियां पानी में नहा रही थीं, सेल्फी ले रही थीं, लड़के उन्हें देख रहे थे, फोटो ले रहे थे। धीरे-धीरे लोग आने शुरू हुए। सात से आठ बज गए, कुछ 30-40 जुझारू लोग आ चुके थे और खूबूसरत बीच और सुहाने मौसम में ग्रुप बना के ऑफिस की बातें कर रहे थे। बिग बॉस जिन्हें आम जनता से ब्रिटिश अंदाज़ में 'साहब' सुनना पसंद था, करीब साढ़े आठ बजे अवत...